IAF Mirage-2000 || जानिए डसलॉल्ट द्वारा डिजाइन फाइटर जेट के बारे में

हम यहाँ पर आपको बताएँगे वो सभी जानकारी जो मिराज २००० को क्यों बेहतरीन फ़ाइटर जेट बनाता हे।

मिराज -2000 निस्संदेह भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सबसे बहुमुखी और सबसे घातक विमानों में से एक है और 1985 में इसे पहली बार लाया  गया था। मिराज को शामिल करने के तुरंत बाद, आईएएफ ने इसे नाम दिया – वज्र – जिसका अर्थ है संस्कृत में वज्रपात। इसे डसॉल्ट एविएशन द्वारा विकसित किया गया था और 1978 में अपनी इसने अपनी पहली उड़ान भरी और 1984 में फ्रांसीसी वायु सेना में शामिल किया गया था । भारत ने 1982 में 36 सिंगल-सीटर मिराज -2000 और 4 ट्विन-सीटर मिराज 2000 का शुरुआती ऑर्डर दिया था पर 1999 के कारगिल युद्ध में अपनी शानदार सफलता के बाद, भारत ने मिराज-2000 के 10 और अतिरिक्त ऑर्डर दे दिए।

आइए जानते हे इसके स्पेसिफ़िकेशन के बारे में

  • जेट में nine weapon hardpoint हे। यह 14.36 मीटर लंबा है और इसका wings 9.13 मीटर है।
  • जो चीज इसे योग्य बनाती है, वह यह है कि अधिकांश अन्य फाइटर जेट्स के विपरीत, मिराज -2000 एक शाफ्ट इंजन का उपयोग करता है, जो इसे अन्य की तुलना में बहुत हल्का और सरल बनाता है।

    Image from Google Search

  • जेट 2,530 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से उड़ सकता है।
  • लड़ाकू जेट laser-guided बम, हवा से हवा और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल ले जा सकता है।
  • इसमें आंतरिक रूप से भी एक self protectionसूट है. जो इसे आने वाले ख़तरों से बचाता हे।

    Image from IAF

  • इस विमान का वजन 7500 किलोग्राम है और इसका कुल टेकऑफ़ वजन 17000 किलोग्राम है।
  • भारत के अलावा, डसॉल्ट ने मिराज 2000 को8 अन्य देशों में बेचा, जिसमें फ्रांस, मिस्र, यूएई, पेरू, ताइवान, पेरू, ग्रीस और ब्राजील के देश शामिल हैं

वर्तमान में, IAF के पास 50 से अधिक मिराज-2000 हैं और उनमें से अधिकांश को आधुनिक क्षमताओं के साथ अपग्रेड किया जा रहा है

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